विधानसभा चुनाव

वल्लभनगर उपचुनाव-2021 उपचुनावों में चुनाव आयोग का ‘ऑपरेशन क्लीन‘ आपराधिक पृष्ठभूमि वाले उम्मीदवारों को 28 अक्टूबर तक प्रसारित-प्रकाशित करवानी होगी आपराधिक मामलों की सूचना


उदयपुर. जिले में वल्लभनगर उपचुनाव को लेकर राज्य निर्वाचन विभाग पूरी मुस्तैदी से जुट गया है। इस दौरान आपराधिक पृष्ठभूमि वाले उम्मीदवारों पर भी आयोग की पूरी नजर रहेगी। भारत निर्वाचन आयोग के निर्देशानुसार उपचुनाव में आपराधिक पृष्ठभूमि वाले उम्मीदवारों को 28 अक्टूबर तक आपराधिक मामलों की सूचना प्रसारित-प्रकाशित करवानी होगी, ताकि मतदाताओं को अभ्यर्थियों के बारे में जानने का पर्याप्त समय मिल सके।
कम से कम तीन बार देनी होगी जानकारी
अति. मुख्य निर्वाचन अधिकारी कृष्ण कुणाल ने इस संबंध में एक आदेश जारी कर सभी राजनीतिक दलों को भारत निर्वाचन आयोग के दिशा-निर्देशों से अवगत कराया है। राज्य निर्वाचन विभाग के आदेशानुसार वल्लभनगर और धरियावद में 30 अक्टूबर को होने वाले उपचुनाव-2021 में चुनाव लड़ने वाले ऐसे उम्मीदवार जिनके विरुद्ध कोई आपराधिक मामले दर्ज हैं, उसकी सूचना प्रिन्ट मीडिया में कम से कम तीन बार अलग-अलग तारीखों में प्रकाशित और इलेक्ट्रोनिक मीडिया में निर्वाचन क्षेत्र में अनिवार्य रूप से प्रसारित करवानी होगी।
निर्वाचन विभाग ने जारी किया कैलेंडर
जिला निर्वाचन अधिकारी (कलक्टर) चेतन देवड़ा ने बताया कि आयोग के निर्देशानुसार ऐसे अभ्यर्थी और राजनीतिक दलों द्वारा आपराधिक मामलों का पहला प्रचार नाम वापसी के प्रथम चार दिनों में यानी (14 अक्टूबर 2021 से 17 अक्टूबर 2021 तक), दूसरा प्रचार अगले 5 से 8 दिनों के बीच यानी (18 अक्टूबर से 21 अक्टूबर तक) और तीसरा प्रचार 9वें दिन से प्रचार अभियान के अंतिम दिन तक (मतदान दिवस से दो दिन पूर्व यानी 22 अक्टूबर से 28 अक्टूबर तक) करना होगा। आपराधिक रिकॉर्ड की सूचना न्यूनतम 75000 से अधिक प्रसार वाले राष्ट्रीय स्तर (3 से अधिक संस्करण) के दैनिक समाचार पत्र (सूचना एवं जनसपंर्क विभाग से पंजीकृत) के किसी एक संस्करण में और 25000 प्रसार वाले किसी स्थानीय दैनिक समाचार पत्र में प्रकाशित करवानी होगी।
मतदाताओं को जानने का हक है
चुनाव लड़ने वाले उम्मीदवारों के साथ ऐसे उम्मीदवारों को टिकट देने वाले राजनीतिक दलों को अब अपनी वेबसाइट और सोशल मीडिया मंचों पर अनिवार्य रूप से उसके उम्मीदवारों पर लंबित आपराधिक मामलों समेत पूरा विवरण प्रकाशित करना होगा। ऐसे उम्मीदवारों के चयन की वजहों के बारे में भी सूचित करना होगा ताकि मतदाता को पूरी जानकारी मिल सके और वे उचित उम्मीदवार का चयन कर सकें।
उम्मीदवार और पार्टी दोनों की जिम्मेदारी
कलक्टर देवड़ा ने बताया कि उम्मीदवार द्वारा फॉर्मेट सी-1 में एवं राजनीतिक दल द्वारा फॉर्मेट सी-2 में आपराधिक रिकार्ड की सूचना निर्वाचन प्रचार अवधि के दौरान निर्वाचन क्षेत्र में व्यापक रूप से प्रकाशित होने वाले राष्ट्रीय या स्थानीय समाचार पत्रों में न्यूनतम फोंट साइज 12 में एवं उन संबंधित क्षेत्रों में उपलब्ध लोकप्रिय राष्ट्रीय या स्थानीय टीवी चौनलों में प्रसारित किया जाएगा। टीवी चौनलों पर प्रसारण प्रातः 8 बजे से रात्रि 10 बजे के मध्य न्यूनतम 7 सैकंड्स के लिए स्टैंडर्ड फोंट साइज में अभ्यर्थिता वापिस लेने की अन्तिम तिथि के बाद और मतदान की तिथि से दो दिन पहले के दौरान तीन अवसरों पर अलग-अलग तिथियों को प्रकाशित या प्रसारित करवाई जानी होगी।
पार्टी की वेबसाइट पर भी देनी होगी जानकारी
राजनीतिक दलों को अपनी वेबसाइट, स्थानीय भाषा एवं राष्ट्रीय भाषा के एक समाचार पत्र सहित फेसबुक और ट्विटर जैसे आधिकारिक सोशल मीडिया मंचों पर प्रसारित करनी होगी। आयोग द्वारा तैयार प्रारूप सी-7 का प्रकाशन राजनीतिक दलों द्वारा अभ्यर्थी के चयन से 48 घंटे में एक राष्ट्रीय एवं एक स्थानीय समाचार पत्र में तथा राजनीतिक दल के सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर किया जाएगा। भारत निर्वाचन आयोग के नवीनतम निर्देशानुसार राजनीतिक दलों को अपनी वेबसाइट के होमपेज पर ‘आपराधिक पृष्ठभूमि वाले उम्मीदवार‘ कैप्शन के साथ यह सूचना प्रदर्शित करनी होगी।

About Author

mewar politics

0 Comment

    Hi there,

    Every month you delay, competitors get stronger

    A lot of teams still put AI in the “later” category.

    That is already outdated thinking.

    It is a live competitive advantage, not a future feature.

    Every month businesses delay AI adoption, competitors collect:

    – More customer data
    – Faster response systems
    – Better lead qualification
    – More efficient support
    – Higher conversion rates

    The gap compounds.
    Fast.

    This is the same pattern we saw with:

    – Businesses that adapted early to mobile
    – Digital commerce
    – Organic search
    – Customer attention through social channels

    Early adopters won. Late adopters struggled to catch up.

    AI is likely to be bigger than those shifts combined.

    The businesses implementing conversational AI today are building advantages that become harder to compete against tomorrow.

    Check it out: https://theollehai.com

    Cheers,
    — Kandi Searle
    OllehAI

    In case you choose to opt-out of additional emails from this message, please fill the form at brnd .li/delist URL with your domain address (URL).
    Hainbuchen 91, Cherry Valley, CA, USA, 91060

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *